शिमला, 06 जून।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान के तहत नौ महीने पुराने चिट्टा मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। छोटा शिमला थाना पुलिस ने एक पुराने केस की गहराई से जांच करते हुए दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी और वित्तीय सबूतों के आधार पर अंजाम दी गई है।
बता दें कि 28 अगस्त 2025 को छोटा शिमला थाना में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला 27 अगस्त 2025 को एसआईयू टीम द्वारा एक वाहन से छह ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद शुरू हुआ था, जिसमें पहले ही रोहित पंवार और कर्ण सिंह को पकड़ा जा चुका है।
इस पुराने मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। इस गहन जांच में कसुम्पटी निवासी नमन शर्मा उर्फ गिन्नी और मेहली निवासी हरीश बंसल उर्फ हैरी की संलिप्तता सामने आई। साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि ये दोनों आरोपी घटना के वक्त नशा तस्करों के निरंतर संपर्क में थे और इस पूरी खेप की खरीद व सप्लाई में सक्रिय थे। पुलिस ने यह भी पाया कि नमन शर्मा की गाड़ी का इस्तेमाल मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने में किया गया था।
शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया और अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड प्राप्त की है। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि अब रिमांड के दौरान इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश की जाएगी। पुलिस का लक्ष्य इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना और मादक पदार्थों की सप्लाई चेन का स्रोत पता लगाना है। प्रदेश में बढ़ते नशा कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब पुराने मामलों की भी नए सिरे से पड़ताल कर रही है।









