इंफाल, 11 जून।
मणिपुर में छह नागा नागरिकों की नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एनआईए (NIA) ने कमान संभाल ली है। एजेंसी ने मामले की बारीकी से जांच के लिए व्यापक फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मृतक कोंसाखुल गांव के निवासी थे, जिन्हें 13 मई को लेलोन वैफेई क्षेत्र से अगवा किया गया था।
लंबी तलाश के बाद कांगपोकपी जिले के खाराम वैफेई गांव के पास करीब 450 सुरक्षाकर्मियों की टीम ने इनके शव बरामद किए। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होने के कारण पहचान में समस्या आ रही थी, जिसके लिए एनआईए की टीम जेएनआईएमएस पहुंची है। यहाँ डीएनए परीक्षण और पोस्टमार्टम के जरिए मृतकों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
इस घटना के बाद इंफाल में भारी तनाव फैल गया है। अस्पताल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में जुटे आक्रोशित परिजनों और समुदाय के लोगों की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जिसमें कुछ लोगों और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की खबर है।
यह सनसनीखेज मामला नागा समूहों द्वारा 14 कुकी बंधकों की रिहाई के ठीक एक दिन बाद सामने आया है। इस घटना से पहाड़ी इलाकों में फिर से हिंसा और प्रतिशोध का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है।










