भोपाल, 13 जून।
प्रदेश में उद्यमिता, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से रविवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में "समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश" कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों, उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों को कई प्रकार के लाभ वितरित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से एमएसएमई उद्यमियों और स्टार्टअप इकाइयों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगे। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को भू-आवंटन पत्र, स्टार्टअप नीति के अंतर्गत स्वीकृत लाभ तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत सहायता राशि और अन्य हितलाभ भी वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित रहेंगे।
आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करेंगे। इस संवाद में उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे और राज्य सरकार की नीतियों तथा योजनाओं से मिले लाभों की जानकारी देंगे। साथ ही वे उद्योग और व्यापार को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने के संबंध में अपने सुझाव भी रखेंगे।
कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप विभाग द्वारा किए जा रहे औद्योगिक निवेश, उद्यमिता संवर्धन और रोजगार सृजन संबंधी प्रयासों की जानकारी देंगे। वहीं विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर प्रकाश डालेंगे।
"समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश" थीम पर आधारित यह आयोजन प्रदेश में औद्योगिक विकास, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार आधारित आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में विभाग द्वारा निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है। इसी उद्देश्य से ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जिनसे स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिले और युवाओं में स्वरोजगार की भावना मजबूत हो। नई औद्योगिक और निवेश केंद्रित नीतियों के चलते प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।
इन पहलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। सरकार का मानना है कि कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सुझाव प्रदेश की औद्योगिक और स्टार्टअप व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में उपयोगी साबित होंगे।
आयोजन में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, बैंकिंग संस्थानों के पदाधिकारी, निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक, युवा उद्यमी और प्रदेशभर से आए हितग्राही शामिल होंगे। यह कार्यक्रम केवल लाभ वितरण तक सीमित न रहकर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और नवाचार आधारित आर्थिक विकास के सामूहिक संकल्प को भी आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा।













