नई दिल्ली, 15 जून।
कांग्रेस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते का समर्थन किया है। पार्टी का मानना है कि यदि आधिकारिक विवरण अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं, तब भी उम्मीद है कि अमेरिका, ईरान और इजराइल इस समझौते के नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से भारत को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की पुरानी संरचनात्मक चुनौतियां तुरंत खत्म नहीं होने वालीं। उन्होंने इसे पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव से भी पुरानी समस्याएं बताया।
रमेश ने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चिंता जताते हुए कहा कि लंबे समय से रुपया दबाव में है और डॉलर की मांग-आपूर्ति का संतुलन बिगड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि निजी निवेश की सुस्ती के पीछे वास्तविक मजदूरी में ठहराव, चीन से आयात की डंपिंग और जांच एजेंसियों का बढ़ता हस्तक्षेप मुख्य वजहें हैं, जिससे एमएसएमई क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
भू-राजनीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि 2008 के बाद भारत ने जिसे अलग-थलग किया था, उस पाकिस्तान ने फिर से क्षेत्रीय प्रभाव बना लिया है। उन्होंने दावा किया कि चीन की पैठ के चलते यह भारत की विदेश नीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
बता दें कि अमेरिका और ईरान शुक्रवार को स्विटजरलैंड में समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की घोषणा की है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्ष अंतिम मसौदे पर सहमत हैं, जिससे लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त होने की उम्मीद जगी है।










