मंत्रालय में एक सीधे भर्ती वाले साहब का एक बयान इनडायरेक्ट वालों के दिल पर ऐसा लगा कि पुरानी तलवारों से जंग उतरने लगी। दोनों खेमे अपनी-अपनी श्रेष्ठता साबित करने में जुट गए हैं।
अफसोस यह है कि दो हाथियों की लड़ाई में घास ही कुचलती है। विभाग और छोटे कर्मचारी रोज इस अहंकार की कीमत चुका रहे हैं और तमाशा देखने को मजबूर हैं।










