नई दिल्ली, 19 जून।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की अपार संभावनाएं छिपी हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह इलाका अपनी जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बल पर भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है। उन्होंने विशेष रूप से मेघालय की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक बाजारों में अपने भरोसे के कारण यह राज्य पूरे क्षेत्र की अगुवाई करने में सक्षम है।
री-भोई जिले के भोइरिमबोंग में नॉर्थ-ईस्ट की सबसे बड़ी ऑर्गेनिक मसाला प्रोसेसिंग यूनिट की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि का भविष्य अब महज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रह गया है। अब बाजार में उन्हीं की पूछ है जो स्वच्छ, बेहतर, विश्वसनीय और प्रीमियम उत्पाद दे सकते हैं।

सीतारमण का मानना है कि मेघालय के किसानों की प्रगति में ही पूरे पूर्वोत्तर का विकास छिपा है। जब यह क्षेत्र आगे बढ़ेगा, तो भारत की तरक्की को एक नया पावरहाउस मिलेगा। उन्होंने राज्य में जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय सरकार, महिला समूहों और उद्यमियों के प्रयासों को सराहा।
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि मेघालय को उत्पादन की मात्रा के मामले में बड़े राज्यों से मुकाबला करने की आवश्यकता नहीं है। आने वाला समय गुणवत्ता और भरोसेमंद उत्पादकों का है। इस खास अवसर पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग गोले और मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग भी उपस्थित रहे।














