नई दिल्ली, 20 जून।
केंद्र सरकार ने मानव स्वास्थ्य से जुड़े संभावित जोखिमों को देखते हुए 16 निश्चित खुराक संयोजन (एफडीसी) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें त्वचा रोग, दर्द, ऐंठन और कुछ एंटीबायोटिक श्रेणी की दवाओं के संयोजन शामिल हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत अधिसूचना जारी करते हुए इन दवा संयोजनों के उपयोग पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
मंत्रालय ने सभी राज्य औषधि नियंत्रकों, नियामक संस्थाओं और प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही दवा निर्माताओं, आयातकों और वितरकों को भी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
एफडीसी ऐसी दवाएं होती हैं, जिनमें दो या अधिक सक्रिय औषधीय तत्वों को एक निश्चित अनुपात में मिलाकर एक ही गोली या कैप्सूल में तैयार किया जाता है। इनका उपयोग उपचार को सरल बनाने और मरीजों को कम दवाएं लेने की सुविधा देने के उद्देश्य से किया जाता है।
सरकार के अनुसार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद गठित विशेषज्ञ समिति और औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (डीटीएबी) ने विभिन्न दवा संयोजनों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया था। समीक्षा के दौरान कुछ एफडीसी को चिकित्सकीय दृष्टि से अनुचित, तर्कहीन या स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक पाया गया।
विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार ने 16 ऐसे दवा संयोजनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लागू कर दिया है।


















