वाशिंगटन, 20 जून।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया है कि युद्ध के बाद ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत अब खत्म हो गई है और उसके पास न तो वायुसेना बची है, न नौसेना और न ही कोई प्रभावी रक्षा प्रणाली। उन्होंने ईरान को 'समाप्त' करार दिया है।
सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त करते हुए ट्रम्प ने अपने राजनीतिक विरोधियों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह कहना बिल्कुल बेतुका है कि ईरान चार महीने पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में है। ट्रम्प के अनुसार, युद्ध ने ईरान को बुरी तरह कमजोर कर दिया है।
ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद नहीं देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने तय 60 दिनों की समयसीमा का पालन करेगा और तेहरान को एक पैसा भी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बातचीत के लिए अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान ने हाथ बढ़ाया है।
यह प्रतिक्रिया ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने ट्रम्प को 'हताश' बताया था। मोजतबा ने कहा कि वे शुरू में इस समझौते के खिलाफ थे, लेकिन देश के हितों को देखते हुए अंततः उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन की बात मानकर इसे मंजूरी दी थी।

















