भोपाल, 20 जून।
मध्य प्रदेश सरकार की किसान हितैषी भावांतर भुगतान योजना-2025 को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है। योजना को कृषि क्षेत्र में नवाचार, पारदर्शिता और किसानों को मूल्य संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान नई दिल्ली स्थित पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से अधिकारियों ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
समारोह में विभिन्न आर्थिक, प्रशासनिक और नीतिगत संस्थानों से जुड़े कई वरिष्ठ विशेषज्ञ और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और डिजिटल सुधारों को विशेष महत्व दिया गया।
राज्य सरकार के अनुसार ई-मंडी और भावांतर भुगतान योजना को एकीकृत डिजिटल प्रणाली के तहत लागू किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को पारदर्शी विपणन व्यवस्था, त्वरित भुगतान और बेहतर मूल्य संरक्षण उपलब्ध कराना है।
योजना के अंतर्गत सोयाबीन की खरीदी पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की गई। इस व्यवस्था में न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य के बीच का अंतर सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों ने इस उपलब्धि को राज्य की डिजिटल कृषि और किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उनका कहना है कि यह सम्मान कृषि विपणन सुधारों और तकनीक आधारित व्यवस्थाओं की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने का संकेत है।


















