लखनऊ, 24 जून।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुई भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिस दो मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी, अब उस अवैध इमारत को ध्वस्त किया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस भवन को नियमों के विरुद्ध करार दिया है और भवन मालिक को नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में प्रशासन बुलडोजर चलाकर इसे गिरा देगा।
एलडीए उपाध्यक्ष के अनुसार, यह बिल्डिंग रामेश्वरम इंस्टीट्यूट के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है। जांच में सामने आया कि वर्ष 1980 में आवंटित इस आवासीय भूखंड पर बाद में अनधिकृत निर्माण किया गया था। साल 2016 में भी इसे गिराने के आदेश जारी हुए थे, लेकिन किन्हीं कारणों से उस आदेश को निरस्त कर दिया गया था। अब इस हादसे ने प्रशासन की नींद खोल दी है और पुरानी फाइलों को खंगालकर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
बीते 22 जून को इस बिल्डिंग में स्थित कोचिंग सेंटर में लगी आग ने 15 छात्रों की जान ले ली थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद मालिक वीरेंद्र शुक्ला सहित चार लोगों को जेल भेज दिया गया। साथ ही लापरवाही बरतने वाले छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
इस दुखद अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया है। लखनऊ से लेकर कानपुर और प्रयागराज तक के सभी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटर्स की जांच की जा रही है। मानक पूरे न करने वाले और फायर सिस्टम से रहित संस्थानों पर लगातार छापेमारी हो रही है और उन्हें सील किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो।











