नई दिल्ली, 24 जून।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो विवाद में एक नया और गंभीर मोड़ सामने आया है। भाजपा नेता आरपी सिंह ने दावा किया है कि गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर में मुख्यमंत्री को बचाने के लिए फर्जी फॉरेंसिक साक्ष्य तैयार करने की साजिश रची गई थी। इस खुलासे के बाद भाजपा ने मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभाव से इस्तीफे की मांग की है।
आरपी सिंह ने बताया कि गुरुग्राम के डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में एफआईआर संख्या 0263 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें संगठित अपराध, धोखाधड़ी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में जालसाजी और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं का उपयोग किया गया है। भाजपा का आरोप है कि विवादित वीडियो को 'डीपफेक' साबित करने के लिए फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट का सहारा लिया गया।
भाजपा नेता ने दावा किया कि जिन साइबर और फॉरेंसिक लैब के नाम पर रिपोर्ट तैयार की गईं, उनकी विश्वसनीयता और वैधता संदेह के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके सच्चाई को दबाने और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।
आरपी सिंह ने चेतावनी दी कि यदि ये आरोप सही साबित हुए, तो यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इस प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।











