भुवनेश्वर, 24 जून।
ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए रायगडा ग्रामीण विकास विभाग-1 के कार्यपालक अभियंता प्रसन्न कुमार पटनायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी लंबे समय से एक ठेकेदार से लंबित बिलों के भुगतान और कार्य अनुभव प्रमाणपत्र के नाम पर 2.5 लाख रुपये की मांग कर रहा था। सौदेबाजी के बाद रिश्वत की यह रकम 2 लाख रुपये पर तय हुई थी, जिसे लेते हुए उसे धर दबोचा गया।
शिकायतकर्ता ठेकेदार ने इस अवैध मांग की जानकारी विजिलेंस को दी थी, जिसके बाद जाल बिछाया गया। 23 जून की देर रात जैसे ही अभियंता ने 2 लाख रुपये लिए, सतर्कता विभाग की टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने भुवनेश्वर, नयागढ़ और रायगडा स्थित उसके आवासों व कार्यालय पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। तलाशी अभियान के दौरान सरकारी आवास से 3.39 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई, जिसके बाद कुल जब्त राशि 5.39 लाख रुपये हो गई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी अधिकारी आगामी 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने वाला था, लेकिन रिटायरमेंट से महज कुछ दिन पहले उसे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप में जेल की हवा खानी पड़ रही है। विजिलेंस ने उसके खिलाफ कोरापुट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल विभाग उसकी कुल आय और अन्य संदिग्ध संपत्तियों की गहन पड़ताल कर रहा है, जिससे मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।










