कोलकाता, 24 जून।
पश्चिम बंगाल में जमीन कब्जाने और अवैध वसूली के चर्चित 'सोना पप्पू' मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा और कस गया है। केंद्रीय एजेंसी ने पूर्व पुलिस उपायुक्त शांतनु सिन्हा विश्वास के करीबी तीन पुलिस अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। इनमें दक्षिण कोलकाता में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए एजेंसी ने व्यवसायी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू की पत्नी सोमा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी दफ्तर बुलाया है। ईडी का मुख्य उद्देश्य सोना पप्पू के वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध संपत्ति के स्रोतों का पता लगाना है। बालीगंज निवासी सोना पप्पू पर जबरन वसूली और शस्त्र अधिनियम के तहत गंभीर आरोप हैं।
इस मामले में बेहाला के व्यवसायी जय कामदार की गिरफ्तारी के बाद कड़ियां जुड़ती गई थीं। शांतनु सिन्हा विश्वास के फर्न रोड स्थित घर पर छापेमारी के बाद उन्हें पहले भी तलब किया गया था। इस मामले के सभी मुख्य आरोपित—पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु, जय कामदार और सोना पप्पू—फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच में सोना पप्पू के घर से 7 मिमी की पिस्तौल बरामद हुई थी, जिसे उसकी पत्नी के नाम पर खरीदा गया था। एजेंसी को संदिग्ध लेनदेन के करीब 1.5 करोड़ रुपये के सबूत भी मिले हैं। अब ईडी परिवार और पुलिसकर्मियों से पूछताछ कर इस धनशोधन नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की तैयारी कर रही है।











