पुणे, 24 जून।
लोहागढ़ किले पर हुई पुणे के एक व्यवसायी केतन अग्रवाल की मौत मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआत में इसे महज एक हादसा मानकर पुलिस ने केस दर्ज किया था, लेकिन मृतक की बहन का शक इस मामले को किसी और ही दिशा में ले गया।
बहन को केतन की मौत के पीछे की कहानी पर कतई भरोसा नहीं था। अंतिम संस्कार के बाद भी वह लगातार इस घटना की कड़ियों को जोड़ती रही। जब चार दिन बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल शोक जताने उनके घर आई, तो बहन ने उससे इस पूरी घटना के बारे में तीखे सवाल किए।
सिया के जवाबों में मौजूद विरोधाभास और उसकी घबराहट ने बहन का संदेह और गहरा कर दिया। इसके बाद परिवार ने पुलिस से मामले की नए सिरे से जांच करने की मांग की। पुलिस की गहन पड़ताल में पता चला कि सिया और केतन तीन बार लोहागढ़ किले पर गए थे।
मामले की परतें तब खुलीं जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूत खंगाले। इसमें जून की भीषण गर्मी में एक व्यक्ति को हुडी पहने केतन और सिया के वाहन का पीछा करते हुए देखा गया। जांच में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई।
पूछताछ में पता चला कि सिया और चेतन के बीच तीन साल से प्रेम संबंध थे। इस साल जनवरी से जून के बीच ही इन दोनों ने 2000 से ज्यादा बार फोन पर बात की थी। पुलिस का दावा है कि सिया और उसके प्रेमी चेतन ने ही केतन को धक्का देकर मौत के घाट उतारा और इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।











