पुणे, 24 जून।
लोहागढ़ किले पर हुई केतन अग्रवाल की मौत के मामले में सीसीटीवी फुटेज ने हत्या की एक खौफनाक साजिश को बेनकाब कर दिया है। भीषण गर्मी के बावजूद एक युवक का भारी हुडी पहनकर केतन और उसकी मंगेतर का पीछा करना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ।
केतन के परिवार ने इसे शुरू में दुर्घटना माना था, लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि यह एक सोची-समझी हत्या थी। फुटेज में एक शख्स केतन और उसकी मंगेतर सिया गोयल के पीछे चलता दिखा, जिसने चेहरा छिपा रखा था। संदेह होने पर जब वह शख्स जमीन पर बैठ गया, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
जांच में उस संदिग्ध की पहचान 22 वर्षीय ड्राई फ्रूट व्यापारी चेतन बाबूलाल चौधरी के रूप में हुई। कॉल डिटेल्स खंगालने पर पता चला कि सिया और चेतन के बीच सात महीनों में 2,004 बार बातचीत हुई थी। दोनों ने लगभग 238 घंटे फोन पर बिताए थे।
केतन और सिया की शादी नवंबर में होने वाली थी, लेकिन सिया के चेतन से अवैध संबंध थे। चेतन केतन को रास्ते से हटाना चाहता था। हत्या से पहले भी साजिश रची गई थी। बाली जाने से पहले केतन का पासपोर्ट गायब हो गया था, जिसे पिता ने सिया की चाल बताया है।
इसके अलावा, 14 जून को भी सिया ने केतन को खाई के पास धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन तब केतन बच गया। सिया ने तब 'सांप' का बहाना बनाकर उसे गले लगा लिया था। आखिरकार 18 जून को सिया ने केतन को फिर किले पर बुलाया और चेतन के साथ मिलकर उसे खाई में धकेल दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।











