इस्लामाबाद, 24 जून।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने एक कड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि उनके देश के पास मिसाइलें नहीं होतीं, तो ईरान का हाल भी गाजा जैसा हो जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का बैलिस्टिक प्रोग्राम किसी भी स्थिति में बातचीत का हिस्सा नहीं बनेगा और यह उनके देश की रक्षा के लिए अनिवार्य है।
पाकिस्तान के दौरे पर पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा कि अगर उनके पास रक्षात्मक मिसाइलें नहीं होतीं, तो अमेरिका और इजरायल ईरान को गाजा की तरह तबाह कर देते और किसी पर भी दया नहीं दिखाते। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं के मुद्दे पर किसी से कभी भी समझौता नहीं करेगा।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। पहले अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के साथ ही उसके मिसाइल प्रोग्राम और समर्थित सशस्त्र समूहों पर भी बातचीत का दबाव बनाता रहा है।
हालांकि, हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख इस मामले में कुछ नरम होता नजर आया है। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर अन्य देशों के पास मिसाइलें हैं, तो यह अनुचित होगा कि ईरान के पास न हों।











