नई दिल्ली, 24 जून।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वीडियो विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया है कि मान ने धनबल का दुरुपयोग कर एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई और सिख समुदाय की आस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। मामला गुरुग्राम में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक बार फिर सुर्खियों में है।
सिरसा ने बताया कि विवादित वीडियो सामने आने के बाद दुनिया भर के सिखों में भारी आक्रोश व्याप्त है। श्री अकाल तख्त साहिब ने 5 जनवरी 2026 को मान को सफाई का मौका दिया था, लेकिन वीडियो की फोरेंसिक जांच में उसे असली पाया गया। इसके बाद 15 जून 2026 को अकाल तख्त ने मान को गुरुद्रोही घोषित कर पंथ से निष्कासित कर दिया था।
भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी स्वप्न शर्मा ने गुरुग्राम में फॉरेंसिक लैब के साथ मिलकर पैसों के लेन-देन के जरिए वीडियो को 'फेक' साबित करने का झूठा नैरेटिव गढ़ा। सिरसा ने कहा कि यह केवल एक वीडियो विवाद नहीं है, बल्कि अकाल तख्त की सर्वोच्चता को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर हमला बोलते हुए इसे मुगलकालीन अत्याचारों जैसी मानसिकता करार दिया। भाजपा नेता ने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए सिखों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना अक्षम्य है और मान को इस गंभीर कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए।











