नई दिल्ली, 24 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में प्रगति (पीआरएजीएटीआई) की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सड़क, ऊर्जा, औद्योगिक गलियारा और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनमें लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
बैठक के दौरान आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक विस्तार और जनकल्याण से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं की समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी से लागत बढ़ती है और नागरिकों तथा उद्योगों को समय पर लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को निर्देश दिए कि सभी बाधाओं को मिशन मोड में दूर करते हुए परियोजनाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पोर्टल पर परियोजनाओं से संबंधित जानकारी, उपयोगिता सेवाओं, अवसंरचना परतों और आवश्यक स्वीकृतियों को नियमित रूप से अद्यतन किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक समय में निगरानी और बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उभरती तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने जागरूकता अभियान, मरीजों की निगरानी और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए एनसीसी कैडेट्स तथा माय भारत स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने का सुझाव दिया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों के साथ हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी एजेंसियों को समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर तालमेल, स्पष्ट जवाबदेही और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम, शिकायत पंजीकरण, जांच और निवारण तंत्र को और मजबूत बनाने के साथ-साथ राज्यों से ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था को लागू करने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया।















