भोपाल, 24 जून।
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने प्रदेश के एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशनों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक एचडी सीसीटीवी कैमरे लगाने की शुरुआत कर दी है। यह पहल बिजली ग्रिड को चोरी, अनाधिकृत प्रवेश और संभावित नुकसान से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि लगभग 8.15 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत प्रदेश के 417 सबस्टेशनों में चरणबद्ध तरीके से हाई-परफॉर्मेंस कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक और मानव संसाधन दोनों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
परियोजना का उद्देश्य विशेष रूप से ट्रांसफॉर्मरों से होने वाली कॉपर स्ट्रिप चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाना है। विभाग के अनुसार कॉपर स्ट्रिप ट्रांसफॉर्मर का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और इसकी चोरी से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ ट्रांसफॉर्मर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
नए कैमरों में 360 डिग्री निगरानी, नाइट विजन, मोशन डिटेक्शन और हाई-रिजॉल्यूशन रिकॉर्डिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
एमपी ट्रांसको ने इससे पहले एक्स्ट्रा हाई टेंशन लाइनों की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग भी शुरू किया था। अब सीसीटीवी आधारित निगरानी व्यवस्था के जरिए सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि कैमरों की लाइव फीड संबंधित सबस्टेशन प्रभारियों को मोबाइल पर उपलब्ध रहेगी। साथ ही ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के माध्यम से जबलपुर स्थित शक्तिभवन मुख्यालय से सभी 417 सबस्टेशनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
इस तकनीकी प्रणाली से सुरक्षा बढ़ने के साथ किसी भी तकनीकी गड़बड़ी, आपात स्थिति या अनधिकृत गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी और प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।















