लंदन, 24 जून।
ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया को 110 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि चुकाने का निर्देश दिया है। यह आदेश लंदन के उच्च न्यायालय द्वारा एक ऋण विवाद से जुड़े मामले में दिया गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति साइमन टिंकलर ने माना कि दुबई स्थित फायरस्टार डायमंड एफ.जेड.ई को दिए गए ऋण के संबंध में नीरव मोदी द्वारा दी गई व्यक्तिगत गारंटी प्रभावी है और इसके तहत वह भुगतान के लिए उत्तरदायी हैं।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अक्टूबर 2025 में जारी किया गया मांग नोटिस भारतीय कानून के अनुरूप वैध और लागू करने योग्य था। इसी आधार पर बैंक ऑफ इंडिया के दावे को स्वीकार करते हुए भुगतान का निर्देश जारी किया गया।
नीरव मोदी भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई मामलों में आरोपित हैं। वह वर्तमान में ब्रिटेन की जेल में बंद हैं और भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए किए गए उनके हालिया कानूनी प्रयास भी सफल नहीं हो सके हैं।
इस फैसले को बैंकिंग और वित्तीय मामलों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवादों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत के आदेश के बाद अब मामले की आगे की प्रक्रिया संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ेगी।















