चंडीगढ़, 24 जून।
पंजाब अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिस अधिकारियों पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को धार्मिक दंड सुनाया है। बुधवार को आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के समक्ष पेश हुए बिट्टू ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनके शब्द कानूनी रूप से अनुचित थे, जिसके लिए वे पहले ही सार्वजनिक माफी मांग चुके हैं।
सुनवाई के दौरान बिट्टू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस द्वारा उनके ओएसडी को हिरासत में लिए जाने और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद तनावपूर्ण माहौल में वे भावुक हो गए थे। इसी आवेश में उनसे कुछ आपत्तिजनक शब्द निकल गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
आयोग ने उनके तर्कों पर गौर करने के बाद उन्हें चार पवित्र स्थलों पर माथा टेकने का निर्देश दिया है। धार्मिक सजा के तौर पर बिट्टू को श्री दरबार साहिब, डेरा ब्रह्मदास (फिल्लौर), भगवान वाल्मीकि डेरा (रामतीर्थ, अमृतसर) और डेरा सचखंड बल्लां जाना होगा। वहां वे माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में आयोग ने पहले भी उन्हें दो बार समन जारी किया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हो पाए थे। अंततः बुधवार को वकीलों के साथ पेश होने के बाद मामले का निपटारा किया गया। मंत्री ने आयोग के फैसले का सम्मान करते हुए धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने की सहमति व्यक्त की है।











