मंडला, 24 जून।
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर मंडला के रेवांचल पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें नमन करते हुए उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को स्मरण किया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्र समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने मातृभूमि, संस्कृति और गोंडवाना की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और इतिहास में अमर स्थान प्राप्त किया। उनका जीवन आज भी महिलाओं को नेतृत्व, आत्मसम्मान और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि 24 जून 1564 को रानी दुर्गावती ने मुगल आक्रांताओं के समक्ष समर्पण के बजाय वीरगति को स्वीकार कर भारतीय नारी शक्ति और स्वाभिमान की मिसाल प्रस्तुत की थी। उनका बलिदान आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
मंत्री उइके ने कहा कि रानी दुर्गावती केवल वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी और दूरदर्शी शासक भी थीं। उनका पराक्रम, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने अपने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता से राज्य की रक्षा के साथ-साथ जनकल्याण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। उनका जीवन संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय गौरव की रक्षा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी वीरांगना के योगदान को याद किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।















