नई दिल्ली, 30 जून।
देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में मई महीने के दौरान 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल में यह विकास दर 4.9 प्रतिशत रही थी। यह आंकड़े 2022-23 के नए आधार वर्ष के साथ जारी की गई संशोधित श्रृंखला के तहत पेश किए गए हैं, जिसमें अद्यतन उत्पाद बास्केट और संशोधित वेटेज को शामिल किया गया है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत का विस्तार हुआ है। विनिर्माण, जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्रों में 5.5 प्रतिशत की तेजी देखी गई है। हालांकि, खनन और उत्खनन क्षेत्र के प्रदर्शन में 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
मंत्रालय ने यह भी घोषणा की है कि उसने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की जगह अब आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) को नई IIP श्रृंखला के लिए डिफ्लैटर के रूप में अपना लिया है। इसके साथ ही 2022-23 आधार वर्ष पर आधारित पूरी श्रृंखला को अब संशोधित कर दिया गया है।
मंत्रालय का कहना है कि इस बदलाव से वास्तविक औद्योगिक उत्पादन के अनुमान में और अधिक सटीकता आएगी, क्योंकि आउटपुट PPI उत्पादकों की कीमतों का अधिक सूक्ष्म पैमाना प्रदान करता है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और भविष्य में राष्ट्रीय खातों में PPI-आधारित गणना पद्धतियों को अपनाने में मदद करेगा।



















