हरिद्वार, 30 जून।
हरिद्वार पुलिस ने जाली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने वाले एक हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, मोबाइल फोन और नोट छापने में उपयोग किए जाने वाले अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार 27 जून को कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र से 52 हजार 500 रुपये के जाली नोटों के साथ तीन लोगों को पकड़ा गया था। पूछताछ और मामले की विस्तृत जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिनके आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज की।
जांच के दौरान सूचना मिली कि कुछ लोग यूके 08 बीजी 6798 नंबर की कार से नकली नोट छापने के उपकरण और तैयार नोटों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से बिजनौर के बड़ापुर की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी के बाद तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सदस्य गुलजार ऑनलाइन विशेष प्रकार का कागज मंगाता था। शगुन जोशी असली नोटों की तस्वीर लेकर सॉफ्टवेयर और एप की मदद से उनकी गुणवत्ता बढ़ाता था, ताकि प्रिंट बिल्कुल असली नोटों जैसा दिखाई दे। देवेन्द्र ने पूछताछ में बताया कि वह पहले भी गुलजार के साथ मिलकर बिजनौर के बड़ापुर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट छाप चुका है, जिनमें से लगभग 60 हजार रुपये के नोट बाजार में चला दिए गए थे।
इसके बाद गिरोह ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए देवेन्द्र के जीजा शिवम को भी इसमें शामिल कर लिया। चारों मिलकर नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से एक लैपटॉप व चार्जर, प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन, 500 रुपये के चार असली नोट, 500 रुपये के नकली नोटों की 25 प्रिंटेड शीट तथा गांधीजी के वॉटरमार्क वाली एक शीट बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बिजनौर के बड़ापुर थाना क्षेत्र के सरदारपुर छांमली निवासी देवेन्द्र कुमार (31), टांडा सिक्कावाला निवासी गुलजार अहमद (30) तथा हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र के लालढांग निवासी शगुन जोशी (26) के रूप में हुई है।












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