कानपुर, 30 जून।
शहर की पुलिस ने अंतरजनपदीय गैंग के उन बदमाशों को आखिरकार सलाखों के पीछे भेज दिया है, जिन्होंने 21 जून को गुजैनी इलाके में एक महिला के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक तीखी मुठभेड़ में दो लुटेरे घायल हुए हैं।
बनपुरवा-फतेहपुर दक्षिण मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को रुकने का इशारा किया। जवाब में बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में मोहम्मद अकरम और जावेद अख्तर उर्फ चिकना के पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही धर लिए गए।
तीसरा साथी अंधेरे का फायदा उठा फरार हो गया था, लेकिन पुलिस की तत्परता से उसे भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए बदमाशों के पास से लूटे गए गहने, दो अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
पूछताछ में पता चला कि ये अपराधी कानपुर, हमीरपुर, जालौन और कासगंज जैसे कई जिलों में वांछित थे। उन पर लूट, चोरी और संगीन अपराधों के अनेक मामले दर्ज हैं। यह गैंग लूट के बाद पीड़ित को धमकाकर और भी जेवर मंगाने की दुस्साहसी वारदातों के लिए जाना जाता था।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनकी गिरफ्तारी से अंतरजनपदीय अपराधों में संलिप्त एक बड़े गिरोह का सफाया हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है।












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