देहरादून, 30 जून।
उत्तराखंड सरकार राज्य की जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करने के उद्देश्य से 4 जुलाई से 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान का दूसरा चरण शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष निर्देशों पर आयोजित होने वाला यह 15 दिवसीय अभियान जिला, ब्लॉक और तहसील स्तरों पर शिविरों के माध्यम से चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि नागरिकों को अपनी परेशानियों के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि अधिकारी अब स्वयं जनता के बीच जाकर शिकायतों को सुलझाएंगे। यह विशेष अभियान मुख्यमंत्री के पांच वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले सेवा पखवाड़े के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन शिविरों में अलग-अलग विभागों के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ ही पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और जन समस्याओं का त्वरित समाधान करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष दिसंबर में 45 दिनों तक चले इसी अभियान के पहले चरण में 681 शिविर लगाए गए थे, जिसमें 5.33 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। उस दौरान लगभग 33 हजार शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया गया था। राज्य सरकार की इस पहल को सुशासन की दिशा में एक बड़ी और प्रभावी उपलब्धि माना जा रहा है।



















