जयपुर, 30 जून।
राजस्थान में मानसून के आगमन से पूर्व भीषण गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार को श्रीगंगानगर 45.1 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। भीषण गर्मी का प्रकोप केवल श्रीगंगानगर तक सीमित नहीं है, बल्कि फलोदी (43.6), चूरू और बीकानेर (42.8) तथा बाड़मेर (42.1) में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है, जिससे जोधपुर और बीकानेर संभाग में मई जैसी गर्मी महसूस की जा रही है।
दूसरी ओर, राज्य के कोटा, झालावाड़, बारां और टोंक जैसे जिलों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। पिछले 24 घंटों में झालावाड़ के खानपुर में 12 मिमी, भरतपुर के नगर में 11 मिमी और अलवर के कठूमर में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के 26 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो इस सप्ताह के अंत तक मानसून दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और बारां के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। वर्तमान में 60 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के कारण लोग भीषण उमस का सामना कर रहे हैं, जिससे मानसून का बेसब्री से इंतजार है।



















