श्रीनगर, 30 जून।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रदेश सरकार पर कड़े प्रहार किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार घाटी में लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल रही है। मुफ्ती के अनुसार, सरकारी नौकरियों के आउटसोर्सिंग के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना बना रहे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नज़रबंद कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे दोहरा मापदंड करार दिया। उन्होंने कहा कि जब जवाबदेही तय करने का समय आता है, तो सरकार पुलिस पर नियंत्रण न होने का बहाना बनाती है। हालांकि, विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए यही सरकार पुलिस के साथ मिलकर काम करती है।
मुफ्ती का दावा है कि जब युवाओं द्वारा आरक्षण या नियुक्तियों के विरोध में आवाज़ उठाई जाती है, तो उसे बेरहमी से दबा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण-विरोधी अभियानों के दौरान गरीब परिवारों के घरों को तोड़ने के लिए प्रशासन को तुरंत पुलिस की मदद मिल जाती है, जो सरकार की "चुनिंदा बेबसी" को उजागर करता है।
पीडीपी नेताओं ने इस कार्रवाई को असहमति की अभिव्यक्ति को समाप्त करने की साजिश बताया है। मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर जनता के हितों के बजाय विरोध को कुचलने को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।











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