श्रीनगर, 30 जून।
पवित्र अमरनाथ यात्रा के आगाज से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से एक बड़ी मॉक ड्रिल को अंजाम दिया है। यह 57 दिवसीय वार्षिक यात्रा आगामी 3 जुलाई से पारंपरिक नुनवान-पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू होगी।
कश्मीर जोन के आईजीपी वी.के. बिरदी ने बताया कि तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा। पुलिस ने यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया है। सुरक्षाकर्मियों को उनकी भूमिकाओं के प्रति जागरूक करने के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल और अभ्यास किए जा रहे हैं ताकि आपात स्थिति से निपटने में कोई चूक न हो।
निगरानी को मजबूत बनाने के लिए यात्रा मार्गों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी सर्विलांस का जाल बिछाया गया है। इसमें लगी फेस रिकग्निशन तकनीक संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर तुरंत अलर्ट देगी। ऊंचे स्थानों पर भी नजर रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी संदिग्ध हरकत पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भी व्यापक रणनीति अपनाई गई है। एनडीएमए, पुलिस और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भूस्खलन और हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों की मैपिंग कर रहे हैं। दुर्गम रास्तों पर माउंटेन रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी। श्रीनगर के एसएसपी जी.वी. संदीप चक्रवर्ती ने बताया कि शहर में भी विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर सुरक्षा बलों ने अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को परखा है।
अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से यात्रा की निर्धारित समय-सारणी और नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। यात्रा के दौरान समय सीमा यानी 'कट-ऑफ' का पालन करना सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।











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