वाराणसी, 30 जून।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या में नजरबंद किए जाने की सूचना के बाद वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला करार देते हुए प्रदेश सरकार पर विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाया है।
वाराणसी महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रभु श्री रामलला के दर्शन करने और मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाने के लिए अयोध्या जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार देर रात सरकार ने बिना किसी ठोस कारण के अजय राय को होटल में रोक दिया। इसके साथ ही अयोध्या और आसपास के जिलों के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है।
राघवेंद्र चौबे ने इस प्रशासनिक कार्रवाई को संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार यदि निष्पक्ष है, तो उसे विपक्ष के कार्यक्रमों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, जिसका सरकार द्वारा दमन किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामलों में शामिल प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस तरह के दबाव में नहीं आने वाले हैं और इन कथित गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि नेताओं को नजरबंद करने का कारण सार्वजनिक किया जाए और विपक्ष के शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में अनावश्यक बाधा डालना बंद किया जाए।



















