नई दिल्ली, 30 जून।
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री व वितरण पर लगी अस्थायी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई से ये अस्थाई नियम अब प्रभावी नहीं रहेंगे।
बता दें कि पश्चिम एशिया संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया था। आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने खुदरा कीमतों को स्थिर रखा था, जिससे खुदरा और थोक कीमतों के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया था।
इस स्थिति को नियंत्रित करने और कालाबाजारी या जमाखोरी को रोकने के लिए 12 मई को कुछ अस्थायी नियम लागू किए गए थे। इसके तहत खुदरा केंद्रों पर प्रति ग्राहक या वाहन को 200 लीटर डीजल की सीमा तय कर दी गई थी ताकि आपूर्ति बनी रहे।
अब सरकार ने देश में ईंधन की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की है। सरकार का मानना है कि अब ये पाबंदियां जरूरी नहीं हैं, क्योंकि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो चुकी है और स्थिति में काफी सुधार आया है।









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