तेहरान, 30 जून।
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें हटाने का अभियान वह अकेले ही संचालित करेगा। इस कार्य में किसी भी विदेशी देश के हस्तक्षेप को तेहरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरान के उप विदेशमंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने फ्रांस का नाम लेते हुए कहा है कि वह उकसावे वाली कार्रवाई से दूर रहे, क्योंकि क्षेत्र की स्थिति पहले से ही बेहद संवेदनशील और जटिल बनी हुई है।
इससे पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दावा किया था कि फ्रांस और ओमान अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर सुरंगें हटाने का काम करेंगे। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया कि यह काम मौजूदा समझौते के तहत केवल उसी की जिम्मेदारी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन चर्चाओं को भी नकार दिया है जिनमें कहा गया था कि उसके अधिकारी कतर में अमेरिकी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
साथ ही, ईरान ने कतर में रुकी हुई अपनी 6 अरब डॉलर की वित्तीय संपत्ति मिलने की उम्मीद जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण जलमार्गों पर ईरान का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और पुरानी स्थिति का लौटना कठिन है।



















