नई दिल्ली, 30 जून।
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू को बड़ी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में सजा को निलंबित करने की उनकी मांग को खारिज कर दिया है। हालांकि, जस्टिस एमएम सुंदरेश की वेकेशन बेंच ने राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली आसाराम की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि आसाराम को जेल में दी जा रही चिकित्सा सुविधा निरंतर मिलती रहेगी। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जमानत पर तभी कोई विचार किया जा सकता है, जब उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई गंभीर खतरा सामने आए।
आसाराम पिछले करीब 11 वर्षों से राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं। उन्हें 2013 में यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तब से अब तक उनकी एक दर्जन से अधिक बार जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी हैं।
याद रहे कि 20 अगस्त 2013 को उनके खिलाफ जोधपुर आश्रम में यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ था। इसके अतिरिक्त, सूरत की दो बहनों ने भी उन पर 2001 में आश्रम में दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले की कानूनी लड़ाई अब शीर्ष अदालत तक पहुंच गई है।












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