नई दिल्ली, 01 जुलाई।
डिजिटल इंडिया मिशन ने अपने सफर के 11 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में तकनीक अब केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि सुशासन और पारदर्शिता का मुख्य आधार बन चुकी है।
डिजिटल क्रांति ने शासन व्यवस्था को आम नागरिक के लिए अत्यंत सुगम और प्रभावी बनाया है। यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान की दुनिया में भारत ने एक बड़ी लकीर खींची है। डिजिलॉकर और डीबीटी जैसी पहलों ने सरकारी लाभों को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर आज पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया है। समावेशी विकास का यह मॉडल तकनीक आधारित प्रगति का प्रमाण है। आज गांव हो या शहर, भारत की डिजिटल क्षमता हर स्तर पर नई पहचान बना रही है।
1 जुलाई 2015 को शुरू हुए इस अभियान ने इंटरनेट की पहुंच बढ़ाकर डिजिटल अंतर को खत्म करने का काम किया। अब स्वास्थ्य, शिक्षा और बैंकिंग जैसी जरूरी सेवाएं डिजिटल माध्यम से करोड़ों लोगों की पहुंच में हैं।
सरकारी निवेश ने देश भर में कनेक्टिविटी को मजबूती दी है। भारत आज ग्लोबल रियल-टाइम पेमेंट का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें यूपीआई का योगदान अतुलनीय है। डिजिटल अर्थव्यवस्था देश की जीडीपी में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमताएं तेजी से बढ़ी हैं। 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में यह तकनीकी आत्मनिर्भरता सबसे बड़ा संबल बनकर उभर रही है।



















