नई दिल्ली, 01 जुलाई।
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन बेहद खास है। नौ साल पहले 2017 में इसी तारीख को देश में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की शुरुआत हुई थी। इसे आजादी के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार माना जाता है।
इस नई कर व्यवस्था के आने से पहले भारत में टैक्स का जाल बहुत उलझा हुआ था। केंद्र और राज्यों के अलग-अलग टैक्स, जैसे उत्पाद शुल्क, वैट और सर्विस टैक्स की वजह से कारोबारियों को काफी परेशानी होती थी।
जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में 'एक देश, एक कर' का सपना साकार हुआ। इसका मुख्य लक्ष्य टैक्स के दोहरे प्रभाव को खत्म करना और व्यापार को बेहद आसान बनाना था।
इस बड़े बदलाव के बाद राज्यों के बीच सामान की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो गई है। 1 जुलाई 2017 की आधी रात को संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में एक विशेष समारोह के जरिए इस व्यवस्था का आगाज हुआ था।



















