रोम, 01 जुलाई।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन और विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने मिलकर चरम गर्मी और कृषि पर एक चिंताजनक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि बढ़ता तापमान और भीषण गर्मी उन कृषि-खाद्य प्रणालियों को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं, जिन पर दुनिया की बड़ी आबादी निर्भर है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सूखा जैसी अन्य प्राकृतिक आपदाएं भी गर्मी के साथ मिल जाएं, तो फसलों के नुकसान का खतरा तीन गुना तक बढ़ सकता है। जैसे-जैसे दुनिया का तापमान बढ़ रहा है, भविष्य में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है।
यह भीषण गर्मी कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़े खतरे के रूप में उभर रही है। लंबे समय तक चलने वाली लू और बदलते जलवायु चक्र के कारण न केवल फसलों की पैदावार घट रही है, बल्कि पशुधन का स्वास्थ्य और पानी की उपलब्धता भी संकट में है।
इसका सबसे बुरा असर ग्रामीण इलाकों के उन लोगों पर पड़ रहा है, जो पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कृषि क्षेत्र में इस बढ़ते तापमान के खतरे को अब तक कम समझा गया है और इसके समाधान के लिए तत्काल गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है।



















