नई दिल्ली, 01 जुलाई।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व सदस्य सचिव और आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को एक बड़े घोटाले में गिरफ्तार किया है। मामला सरकारी धन के गबन से जुड़ा है।
आरोप है कि सेक्टर-32 स्थित बैंक शाखा में बोर्ड के खाते से करीब 169 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। जांच में खुलासा हुआ कि प्रदीप कुमार ने स्वयं निवेश का काम संभाला था।
विभाग के पास उस खाते का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिसमें यह राशि भेजी गई थी। बिना उचित अनुमति के धन का हस्तांतरण किया गया और फर्जी एफडी के नाम पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।
प्रदीप कुमार जांच से बचने की कोशिश कर रहे थे और नोटिस मिलने के बाद भी पेश नहीं हो रहे थे। अब एजेंसी ने उन्हें धर दबोचा है।
यह मामला राज्य के आठ विभागों के 504 करोड़ रुपये के बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है। इस पूरी धांधली में पैसा शेल कंपनियों में भेजा गया था।
इस मामले में अब तक 17 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसमें बैंक अधिकारी, लोक सेवक और निजी कंपनियां शामिल हैं। इससे पहले भी दो वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सीबीआई चंडीगढ़ के दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। इसमें स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट से जुड़ी वित्तीय अनियमितताएं शामिल हैं, जिसमें एक वरिष्ठ वन सेवा अधिकारी भी गिरफ्तार हो चुका है।



















