नई दिल्ली, 01 जुलाई।
प्रसिद्ध पेंटर मनन चतुर्वेदी ने युवाओं को जीवन में बड़ी सीख दी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं को अपने काम को तनाव नहीं, बल्कि आनंद का जरिया बनाना चाहिए। मनन के अनुसार, खुशी के साथ किया गया कार्य ही सफलता और निरंतरता का मार्ग प्रशस्त करता है।
'रंगरेजा' के नाम से पहचानी जाने वाली मनन फिलहाल नई दिल्ली के पालिका बाजार में एक अनूठे मिशन पर हैं। वे यहां 24 घंटे लगातार पेंटिंग बनाने के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को पूरा कर रही हैं। यह यात्रा उनके अटूट हौसले को दर्शाती है।
साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी भी प्रकार के दबाव में काम नहीं करना चाहिए। मनन का मानना है कि जब मन खुश होता है, तो उसका परिणाम हमेशा अद्भुत और खूबसूरत होता है। वे अपनी कला में सफाई और स्पष्टता को विशेष महत्व देती हैं।
वे इस मिशन में अगले 24 घंटों के भीतर करीब 25 पेंटिंग तैयार करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कला किसी दबाव की मोहताज नहीं होती, यह तो दिल की भावनाओं का कैनवास पर प्रतिबिंब है।
अपनी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि अब उनका रुख मुंबई की ओर है। उनका उद्देश्य केवल कला तक सीमित नहीं है, बल्कि निराश्रित बच्चों को आश्रय और सहारा देना उनकी प्राथमिकता है।
मनन पहले भी 72 घंटे में 105 पेंटिंग बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम कर चुकी हैं। फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई करने के बावजूद उन्होंने ग्लैमर की दुनिया छोड़ समाज के उपेक्षित बच्चों का जीवन संवारने का संकल्प लिया है।
उनके द्वारा संचालित 'सुरमन संस्थान' बेसहारा बच्चों को न केवल रहने की जगह देता है, बल्कि उन्हें स्वावलंबी भी बनाता है। उनकी समाज सेवा और नेतृत्व क्षमता के कारण ही राजस्थान सरकार ने उन्हें राज्य बाल संरक्षण आयोग की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।



















