भोपाल, 03 जुलाई।
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उज्जैन में पंचायत सचिव के तेज बहाव में बह जाने के बाद बचाव दल उनकी खोजबीन में जुटे हैं। डिंडौरी के शहपुरा में पुल पार करते समय एक कार नदी के उफान में समा गई, हालांकि समय रहते युवकों ने कूदकर अपनी जान बचा ली। विभाग ने खंडवा और हरदा समेत कई संवेदनशील जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है।
उज्जैन के गांवड़ी लोढ़ा गांव में सहायक पंचायत सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा बाइक के साथ नाले में बह गए। एसडीईआरएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है, लेकिन अभी तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। वहीं, जगोटी गांव में पुलिया पार कर रहे एक अन्य व्यक्ति ने पेड़ की टहनी पकड़कर अपनी जान सुरक्षित बचा ली।
शहपुरा में लगातार हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं और कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं। नगर की जलापूर्ति करने वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने नदी-नालों के निकट पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की है। दूसरी ओर, पांढुर्णा में नदी किनारे स्थित पांच कच्चे घर गिर गए हैं, जिससे निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
इंदौर में पिछले दो दिनों में 5 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जिससे जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। मंदसौर में बिजली लाइनों में फॉल्ट के कारण चिंगारियां उठीं, वहीं रतलाम, ग्वालियर, बालाघाट और शिप्रा नदी के तटों पर भी जलस्तर में भारी वृद्धि देखी गई है। प्रशासन ने नागरिकों को जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनते पुल-पुलियों के पास न जाने की कड़ी चेतावनी दी है।



















