भोपाल, 03 जुलाई।
मध्य प्रदेश में अब मानसून की गतिविधियां पूरी तरह जोर पकड़ चुकी हैं। 24 जून को विलंब से आगमन के बाद, यह मौसमी तंत्र गुरुवार को ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग तक विस्तृत हो गया है। प्रदेश के 38 जिलों में अभी औसत से कम बारिश हुई है, वहीं भोपाल, इंदौर और देवास में अच्छी वर्षा का आंकड़ा दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को खंडवा और हरदा के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है। धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, देवास और बैतूल में भी अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी है। इन क्षेत्रों में अगले एक दिन में 4 से 8 इंच तक पानी बरस सकता है। इसके अलावा सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, पांढुर्णा और सागर जिले में भी भारी वर्षा का अनुमान है।
राज्य के अन्य अनेक जिलों, जिनमें इंदौर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, सतना, जबलपुर और शहडोल शामिल हैं, वहां भी आंधी के साथ मूसलाधार वर्षा होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
इस मानसून सीजन में यह पहली बार है जब प्रशासन ने रेड अलर्ट की स्थिति जारी की है। 6 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा होने के आसार हैं। गुरुवार को भोपाल सहित प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में तेज जलभराव और वर्षा का अनुभव किया गया है।



















