बिलासपुर, 04 जुलाई।
बुजुर्ग मां को प्रताड़ित करने वाले बेटे-बहू को अब अपने ही घर से बेदखल होना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के उस आदेश पर मुहर लगा दी है, जिसमें बुजुर्ग महिला को परेशान करने पर बेटे-बहू को बेदखल करने का निर्देश दिया गया था।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि संतान अपने माता-पिता को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती है, तो उन्हें घर से बाहर निकाला जा सकता है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि बुजुर्गों का सम्मान सर्वोपरि है।
मिनोचा कॉलोनी की 93 वर्षीय संतोष खन्ना ने शिकायत की थी कि उनके बेटे देवेन्द्र खन्ना और बहू नीरजा खन्ना उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने अपनी जान के खतरे का हवाला देते हुए उन्हें बेदखल करने की गुहार लगाई थी।
मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल ने सितंबर 2024 में घर खाली करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ बेटा-बहू ने पहले अपीलीय ट्रिब्यूनल और फिर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिली।
अदालत ने कहा कि परिवार में बुजुर्गों के प्रति दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस आदेश के बाद बेदखली की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।















