बालोतरा, 04 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा में करीब 1.06 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘इंडिया फर्स्ट’ नीति और प्रभावी कूटनीति के कारण देश में ईंधन संकट की स्थिति नहीं बनने दी गई।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता लगातार बनी रही। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने पेट्रोल संकट की अफवाहें फैलाने का प्रयास किया, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हुआ और देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी रही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर करीब 950 रुपये में उपलब्ध कराए गए और उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब परिवारों तक रसोई गैस की सुविधा पहुंचाई गई।
उन्होंने कहा कि भारत ने केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को ही पूरा नहीं किया, बल्कि 40 से अधिक देशों को रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी जारी रखा। उनके अनुसार, इससे दुनिया के सामने भारत की ऊर्जा आपूर्ति क्षमता और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने का संदेश गया।
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में रिफाइनरी परियोजना की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राजस्थान के 54 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र वितरित किए गए और जयपुर मेट्रो विस्तार की भी घोषणा की गई।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार घोषणाओं के साथ उन्हें धरातल पर उतारने का भी काम करती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी परियोजना पर पूर्ववर्ती सरकार के दौरान काम धीमा रहा, लेकिन वर्तमान सरकार बनने के बाद इसे गति मिली और अब इसका लोकार्पण किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनरी क्षमता वाला देश बन चुका है।














