सुपौल, 04 जुलाई।
सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड के कौशलीपट्टी गांव से करीब एक वर्ष पहले लापता हुई दो बच्चियां सकुशल बरामद कर ली गई हैं, लेकिन उनकी मां का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इस मामले को लेकर भाकपा (माले) ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शनिवार को पार्टी की जांच टीम ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, कौशलीपट्टी निवासी मनीष कुमार ने लगभग एक वर्ष पहले अपनी पत्नी और दो बेटियों के लापता होने की सूचना पिपरा थाना में लिखित रूप से दी थी। परिवार का आरोप है कि आवेदन मिलने के बावजूद पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही मामले में कोई प्रभावी कदम उठाया।
परिजनों के अनुसार, मोहर्रम के दिन बड़ी बेटी, जो पिछले एक वर्ष से लापता थी, सामान खरीदने के लिए बाहर निकली। इसी दौरान उसने एक दुकानदार के मोबाइल से अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। बच्ची ने बताया कि वह और उसकी छोटी बहन पिछले एक वर्ष से बंधक बनाकर रखी गई थीं तथा उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। साथ ही उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना भी की जाती थी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुपौल शहर के वार्ड संख्या-4 स्थित बी.एस.एस. कॉलेज के पास एक निजी मकान में छापेमारी की और दोनों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, उनकी लापता महिला का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच के बाद भाकपा (माले) के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अनिल कुमार ने कहा कि यदि समय रहते आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाती तो मामला एक वर्ष तक लंबित नहीं रहता।
उन्होंने लापता महिला की जल्द बरामदगी, पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच तथा आवेदन मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भाकपा (माले) ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मामले का खुलासा नहीं हुआ और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी जनआंदोलन करेगी।















