हल्दिया, 08 जुलाई।
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र में नाफ्था पाइपलाइन में हुए भीषण विस्फोट और उसके बाद लगी आग ने अब एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस हादसे के चलते औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार में रसोई गैस की किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है। इंडियन ऑयल के अधिकारियों का कहना है कि यदि पाइपलाइन की मरम्मत में देरी होती है, तो उत्पादन में कमी आना निश्चित है, जिससे उपभोक्ताओं को प्रभावित होना पड़ सकता है।
जिलाधिकारी निरंजन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में 38 औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ सुरक्षा और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्रशासन ने सभी कंपनियों को अगले 2-3 दिनों के भीतर अपने पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तृत मानचित्र सौंपने और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का दायरा बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, सुरक्षा के मद्देनजर पाइपलाइन के आसपास रह रहे परिवारों के सुरक्षित विस्थापन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
गौरतलब है कि 30 जून को हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई थी और कई लोग अभी भी उपचाराधीन हैं। अग्निकांड के कारणों की गहन जांच की जा रही है। मरम्मत कार्य को युद्धस्तर पर शुरू किया गया है और अधिकारियों का अनुमान है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो अगले 15 से 20 दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।












