औरैया, 14 जुलाई।
फफूंद थाना क्षेत्र के भैंसोल गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी और संबंधित पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर 24 घंटे से अधिक समय तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बाद में प्रशासन के आश्वासन पर अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
मीना कुमारी की तहरीर के अनुसार, 22 जून की रात वह अपने रिश्तेदार शिव रविंद्र के साथ फफूंद कस्बे में एक विवाह समारोह में गई थीं। उस समय घर पर शिव रविंद्र की पत्नी रोशनी और बच्चे मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान शिव बृजेंद्र उर्फ छोटू, राजकुमार उर्फ रज्जू, रजनी और तीन अन्य लोग घर में घुस आए तथा लोहे की सरिया से रोशनी और बच्चों के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने रोशनी की गंभीर स्थिति को देखते हुए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर कर दिया। उपचार के दौरान सोमवार तड़के उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों का आरोप है कि मीना कुमारी को मायके से मिली करीब ढाई बीघा जमीन वर्ष 2024 में रोशनी के नाम कर दी गई थी। उनका कहना है कि इसी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बार मारपीट की घटनाएं हुईं, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका यह भी कहना है कि मुख्य आरोपित शिव बृजेंद्र के खिलाफ 11 जुलाई को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हुई थी, इसके बावजूद विवाद जारी रहा।
महिला का शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने आरोपितों की गिरफ्तारी और हल्का इंचार्ज दरोगा रमेश चंद्र के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का विरोध किया गया, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में हालात सामान्य किए गए।
मंगलवार को समाजवादी पार्टी के विधायक प्रदीप यादव गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी, संबंधित दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। परिजनों के अनुसार प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी। विधायक ने अपनी ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि जमीन विवाद के मामले की विवेचना पहले से चल रही थी। घायल महिला की मृत्यु के बाद मुकदमे में आवश्यक विधिक धाराएं जोड़ी जा रही हैं और आरोपितों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित दरोगा के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई करने और मुकदमे में उचित धाराएं जोड़ने का आश्वासन दिया है।

















