नई दिल्ली, 14 जुलाई।
दिलजीत दोसांझ अभिनीत और जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म 'सतलुज' को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। आरोप है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की ओर से सुझाए गए संशोधनों और प्रमाणन प्रक्रिया का पालन किए बिना फिल्म का शीर्षक बदलकर उसका प्रदर्शन किया गया। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद केंद्र ने कदम तेज कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है, जो फिल्म की सामग्री की औपचारिक समीक्षा कर रही है। इस समिति में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। मंत्रालय का आरोप है कि थिएटर प्रदर्शन के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा आपत्तिजनक बताए गए दृश्यों को हटाने के निर्देशों की अनदेखी करते हुए फिल्म को नए नाम 'सतलुज' के साथ चुपचाप ओटीटी मंच पर जारी कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार समीक्षा के बाद मंत्रालय के पास फिल्म में आवश्यक संशोधन कराने, चेतावनी जारी करने या सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध की सिफारिश करने का अधिकार है।
गौरतलब है कि सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म के निर्माताओं से फिल्म में दर्शाए गए 25,000 लापता लोगों और उनके अंतिम संस्कार से जुड़े दावों के दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने की चुनौती दी थी। उन्होंने ऐसा नहीं करने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
फिल्म को लेकर बढ़ते विवाद के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे जी5 मंच से हटवा दिया है। साथ ही पंजाब और अन्य स्थानों पर हो रही कथित अनधिकृत एवं अवैध स्क्रीनिंग रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
















