भागलपुर, 14 जुलाई।
लगभग चार हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गई है। भागलपुर जिले के गनगनिया के पास निर्माणाधीन सड़क की डाउन लाइन में 40 मीटर लंबी और दो इंच चौड़ी दरार उभर आई है, जिसने निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब इस परियोजना की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। दो वर्ष पूर्व जुलाई 2024 में इसी सड़क के कई हिस्सों में धंसाव हुआ था, जिसे उस समय निर्माण एजेंसी ने चूहों द्वारा मिट्टी खोदे जाने का अजीबोगरीब तर्क देकर टाल दिया था। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दलील को खारिज कर दिया था।
अब गनगनिया के पास मिली नई दरार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हिला दिया है। प्राधिकरण ने मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है। परियोजना निदेशक मनीष कुमार का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह सबग्रेड वर्क में समस्या लग रही है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई बड़ी तकनीकी खामी पाई जाती है, तो केवल लीपापोती नहीं होगी। उस हिस्से को पूरी तरह से तोड़कर दोबारा नए सिरे से तैयार किया जाएगा। व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली इस फोरलेन परियोजना में बार-बार आ रही ऐसी बाधाएं निर्माण मानकों की निगरानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

















