भोपाल, 14 जुलाई।
मध्य प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून तक संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का तीसरा चरण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इस दौरान प्रदेश के गांवों और शहरों में जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण और संवर्धन से जुड़े अनेक कार्य व्यापक स्तर पर किए गए। मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अभियान के अंतर्गत संपन्न गतिविधियों और कार्यों पर आधारित पुस्तिका भेंट की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के सफल संचालन पर मंत्री सिलावट तथा जल संसाधन विभाग की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा भी मौजूद रहे।
मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश में यह अभियान पिछले तीन वर्षों से लगातार सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत वर्षा ऋतु से पहले जल स्रोतों की सफाई, जीर्णोद्धार और आवश्यक मरम्मत कराई गई, ताकि बारिश के दौरान उनमें अधिक से अधिक जल का संग्रहण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही और इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया। इस वर्ष अभियान की शुरुआत 19 मार्च को इंदौर से हुई थी और यह लगातार 30 जून तक जारी रहा।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान विभाग ने अपने जल स्रोतों के आसपास की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, नहरों की सफाई, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण, जल संरचनाओं के किनारे फेंसिंग व पौधरोपण, तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो, घाटों की मरम्मत, लघु सिंचाई परियोजनाओं में फ्लशबार और स्लूस की मरम्मत, स्टॉप डैम, बैराज, वियर, गेट की मरम्मत तथा जलाशयों में रिसाव रोकने के लिए आवश्यक कार्य कराए। अभियान के अंतर्गत विभाग की ओर से कुल 5970 कार्य पूरे किए गए, जिनमें सभी 9 कछारों की लघु सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े 531 कार्य भी शामिल हैं।

















