नई दिल्ली, 14 जुलाई।
भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुए हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस मुद्दे को ईरान के समक्ष मजबूती से उठाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि ईरान के उप मिशन प्रमुख को तलब किए जाने के बाद भारत ने आधिकारिक रूप से अपनी गंभीर चिंता और घटना की कड़ी निंदा दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान गई है और कई अन्य भारतीय घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने ईरानी पक्ष के सामने स्पष्ट रूप से अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि जिन हमलों की निंदा की गई है, उन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के पास दो ईरानी क्रूज मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात के दो टैंकरों को निशाना बनाया। रक्षा मंत्रालय के हवाले से जारी जानकारी में बताया गया कि इस हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए।
रिपोर्ट के अनुसार, मोम्बासा और अल बहियाह नामक दोनों टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे थे। हमले के दौरान दोनों जहाज प्रभावित हुए। मोम्बासा पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मृत्यु हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल बताए गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास के उप मिशन प्रमुख को तलब कर इस हमले पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं बंद होनी चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर निर्बाध आवाजाही और व्यापार जल्द बहाल हो सके।

















