बदरीनाथ, 14 जुलाई।
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने मंगलवार को धाम पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू की। टीम ने संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण किया और उपलब्ध रिकॉर्ड व दस्तावेजों की विस्तार से जांच की। इसके साथ ही चढ़ावा संग्रह और निगरानी व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया का भी आकलन किया गया।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के नेतृत्व में जांच दल ने गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और वित्त अधिकारी जगत सिंह चौहान के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ उपलब्ध अभिलेखों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी गहन पड़ताल की तथा मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी एकत्र की।
जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित काउंटर पर तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि पुराने सीसीटीवी फुटेज का विस्तार से अध्ययन किया गया है और मामले में गिरफ्तार आरोपित से जुड़े तथ्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। यदि किसी श्रद्धालु या अन्य व्यक्ति के पास मामले से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी है तो उसे भी जांच दल के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जांच समिति का पहला स्थलीय दौरा है और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जांच का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पड़ताल कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है। उल्लेखनीय है कि बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया था। समिति जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

















